बस मुस्कुराकर चलने का हुनर होना चाहिए।”
यह ज़िन्दगी बस सिर्फ पल दो पल है#,जिसमें न तो आज# और न ही कल है,#जी लो इस ज़िंदगी का हर पल# इस तरह,#जैसे बस यही ज़िन्दगी का# सबसे हसीं पल है ।
हर जन्म में तू मिले मेरी बस यही ख्वाहिश!
तेरे नाम से ही धड़कता है ये दिल मेरा,तू ही तो है मेरा पहला और आख़िरी सवेरा। ❣️
ये तो मेरे बच्चे की जिद थी जल्दी आने की ।।
आज का शब्द: आनन और हरिवंशराय बच्चन की कविता 'जो बीत गई' काव्य डेस्क
राहें गलत नहीं होती हम गलत चुन लेते हैं।
फिर भी चुप हूँ क्यूंकि ये मेरे पापा के दिए संस्कार हैं।
बेशकीमती ख़ज़ाने कभी किनारे पर नहीं मिला करते
एक तरफ वो जा रही थी, एक तरफ में जा रहा था
मुस्कुरा के जी किसी वजह का इन्तजार न कर
रास्ते खुद निकल आते हैं साथ चलने के लिए।
तेरी बेवफ़ाई ने कुछ ऐसा सिखा दिया,अब मोहब्बत नाम LATEST SHAYARI COLLECTION सुनते ही डर लगता है।